जिले में महिला सुरक्षा फेल, हॉटस्पॉट पर गायब अभया ब्रिगेड, स्कूल कॉलेजों के बाहर मनचलों का आतंक जारी
लाखों की गाड़ियां थानों में खड़ी, गश्त नहीं, छेड़खानी बढ़ी, शिकायतों पर कार्रवाई सुस्त, छात्राओं में डर गहराया
समस्तीपुर जिले की छात्राओं और महिलाओं को सुरक्षित माहौल देने का सरकारी दावा समस्तीपुर में दम तोड़ता नजर आ रहा है। गृह मंत्री सम्राट चौधरी के कड़े निर्देश के बाद जीरो टॉलरेंस नीति के तहत गठित अभया ब्रिगेड जिले के चिन्हित हॉटस्पॉट्स से पूरी तरह नदारद है। आलम यह है कि स्कूल, कॉलेज और कोचिंग सेंटरों के बाहर पुलिस की गश्त नहीं होने से मनचलों के हौसले बुलंद हैं। महिला सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सरकार ने अभया ब्रिगेड को विशेष गश्ती वाहन, स्कूटी और तेज रफ्तार बाइक उपलब्ध कराई थी। मकसद था कि पुलिस की पहुंच जिले की उन संकरी गलियों और कोचिंग हब तक हो, जहां छात्राएं सबसे ज्यादा असुरक्षित महसूस करती हैं। लेकिन समस्तीपुर में यह टीम कहीं भी सक्रिय नहीं दिख रही है। करोड़ों की लागत से खरीदे गए वाहन या तो थानों में खड़े हैं या फिर इनका उपयोग अन्य कार्यों में किया जा रहा है। शहर के विमेंस कॉलेज, आरएनएआर कॉलेज और काशीपुर जैसे प्रमुख कोचिंग इलाकों में छात्राओं को आए दिन छेड़खानी और फब्तियों का सामना करना पड़ता है। छात्राओं का कहना है कि गठन के वक्त जो सख्ती दिखी थी, वह अब कहीं नजर नहीं आती। सुरक्षा के अभाव में पढ़ाई के लिए घर से निकलना अब उनके लिए मानसिक तनाव का कारण बन रहा है। पुलिस की इस बेरुखी के कारण जिले में अभया ब्रिगेड का अस्तित्व सिर्फ कागजों तक ही सीमित होकर रह गया है। अभी बीते दिनों विभूतिपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत कॉलेज आने-जाने के दौरान एक गांव की छात्रा का पीछा व छेड़छाड़ करने एवं जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया था। इसमें छात्रा के पिता आवेदन पर के स्थानीय पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर थी। हालांकि, इसमें अभी तक गिरफ्तारी नहीं हुई है।
गठन का उद्देश्य पूरा नहीं हुआ, कागजों तक सिमटी अभया ब्रिगेड
पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर हर थाना क्षेत्र में अभया ब्रिगेड का गठन किया जा चुका है। इस विशेष टीम की कमान एसआई रैंक की महिला पुलिस पदाधिकारी के हाथों में दी गई है। जबकि उनके साथ तीन सिपाही, एक महिला और दो पुरुष जवान को तैनात रहना है। इस ब्रिगेड का उद्देश्य रेप, अपहरण, छेड़खानी और चेन स्नैचिंग जैसी घटनाओं पर रोक लगाना है, साथ ही स्कूल-कॉलेज के बाहर छात्राओं को परेशान करने वाले मनचलों पर कड़ी नजर रखना है। अभया ब्रिगेड शहरी के साथ ग्रामीण थानों में भी सक्रिय रहेगी और संबंधित थानाध्यक्ष के नियंत्रण में कार्य करना है। टीम को जिला स्तर से आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं। ब्रिगेड क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति के आधार पर स्कूल, कॉलेज, हॉस्टल, कोचिंग संस्थान और प्रमुख मार्गों को हॉटस्पॉट के रूप में चिन्हित करना था, जहां छेड़छाड़ की घटनाएं अधिक होती हैं। टीम को मनचलों की पहचान कर उनके विरुद्ध कार्रवाई करने का निर्देश है, जिसका पालन नहीं हो रहा है। वहीं, बार-बार अपराध में लिप्त पाए जाने पर उनका नाम गुंडा पंजी में दर्ज कराने का निर्देश है। हर 15 दिन पर मुख्यालय स्तर पर समीक्षा होने की बात कही गई थी, ताकि महिलाओं की सुरक्षा को और मजबूत किया जा सके।
मनचलों से तंग इंटर की छात्रा कर चुकी है आत्महत्या
मोहिउद्दीननगर के मदूदाबाद में मनचलों की प्रताड़ना से तंग आकर 17 वर्षीय इंटर छात्रा ने बीते 29 नवंबर को फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली थी। आरोप लगाया गया था कि कोचिंग जाते समय युवक लगातार उसका रास्ता रोककर मोबाइल नंबर मांगते थे। घटना के दिन आरोपी साथियों संग छात्रा के घर में घुस आया था और उसे जबरन खींचने की कोशिश की थी। मां के विरोध और पुलिस को सूचना देने के बावजूद मदद न मिलने से आहत छात्रा ने जान दे दी थी।
स्कूल जाने के दौरान रास्ते में छात्रा से छेड़खानी
विभूतिपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत स्कूल जा रही 11वीं की एक छात्रा से छेड़खानी का विरोध करने पर दबंगों ने घर में घुसकर मां-बेटी को बेरहमी से मारपीट कर घायल कर दिया था। घटना करीब दो महीने पूर्व की है। गंभीर रूप से घायल मां का सदर अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया था। आरोप लगाया था कि पास की ताड़ी दुकान पर शराब का अवैध धंधा होता है, जहां बैठे मनचले आए दिन छात्राओं को परेशान करते रहते हैं।
कॉलेज परिसर में छात्रा से छेड़खानी और मारपीट
विभूतिपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत डीबीकेएन कॉलेज नरहन में बीए सेमेस्टर-1 की एक छात्रा से छेड़खानी व मारपीट का मामला सामने आया है। छात्रा ने 5 अप्रैल को प्रैक्टिकल के दौरान पीछा करने, मोबाइल नंबर मांगने और मना करने पर अभद्र टिप्पणी व पिटाई का आरोप लगाया। आरोपी ने धमकी भी दी। छात्रा ने मानसिक उत्पीड़न की शिकायत की है। प्राचार्य ने मामले की जानकारी से इनकार करते हुए जांच की बात कही।
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अभया ब्रिगेड की टीम को हॉटस्पॉट पर नजर रखनी है। अभया ब्रिगेड टीम की कार्यों की समीक्षा की जाएगी। मुख्यालय से मिले दिशा-निर्देश के अनुसार, उन्हें कार्य करना है।
अरविंद प्रताप सिंह, एसपी, समस्तीपुर

