समस्तीपुर पुलिस का ‘मुस्कान’ खेल: मिला हुआ मोबाइल भी नहीं लौटा, पीड़ित 23 दिन से परेशान
बरामदगी का श्रेय दिखाने के लिए पहले मोबाइल लिया, फिर कार्यक्रम में भी नहीं किया सुपुर्द
मिला हुआ मोबाइल भी ‘मुस्कान’ में अटका: 23 दिन बाद भी नहीं लौटा, पुलिस की कार्यशैली पर सवाल
समस्तीपुर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें एक पीड़ित से उसका खुद का मिला हुआ मोबाइल भी पुलिस ने अपने कब्जे में लेकर अब तक वापस नहीं किया है। बिथान थाना क्षेत्र के पुसहो वार्ड संख्या-3 के स्व. कमल महतो के पुत्र पप्पू कुमार का मोबाइल 12 फरवरी को बाजार जाने के दौरान खो गया था। इस संबंध में उन्होंने थाने में लिखित आवेदन देकर सनहा दर्ज कराया था। बाद में 2 मार्च को उनका मोबाइल उनके ही घर के पास झाड़ियों में पड़ा मिला, जिसकी लिखित सूचना उन्होंने उसी दिन पुलिस को दे दी थी। मामले में नया मोड़ तब आया जब 18 मार्च को बिथान थाना की पुलिस ने पप्पू कुमार से उनका मोबाइल यह कहकर ले लिया कि एसपी के ‘मुस्कान कार्यक्रम’ के तहत उन्हें यह मोबाइल औपचारिक रूप से सौंपा जाएगा। लेकिन 9 अप्रैल को आयोजित मुस्कान कार्यक्रम में, जहां अन्य कई पीड़ितों को उनके बरामद मोबाइल सौंपे गए, पप्पू कुमार को उनका मोबाइल नहीं दिया गया। अब 23 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस मोबाइल लौटाने में आनाकानी कर रही है, जिससे पीड़ित लगातार थाने का चक्कर काटने को मजबूर है।
मिला हुआ मोबाइल भी ‘मुस्कान’ में अटका: 23 दिन बाद भी नहीं लौटा, पुलिस की कार्यशैली पर सवाल
इस पूरे प्रकरण ने ‘मुस्कान कार्यक्रम’ की कार्यप्रणाली पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं। आमतौर पर पुलिस गुम हुए मोबाइल को बरामद कर अपनी सफलता के रूप में प्रस्तुत करती है, लेकिन यहां तो पीड़ित का मोबाइल पहले से मिला हुआ था। इसके बावजूद पुलिस ने उसे अपने कब्जे में लेकर कार्यक्रम में सफलता दिखाने का प्रयास किया और अब तक उसे वापस नहीं किया। पप्पू कुमार, जो पेशे से शिक्षक हैं, का कहना है कि जनगणना कार्य के दौरान मोबाइल नहीं होने से उनका काम प्रभावित हो रहा है। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि जब मोबाइल पहले ही मिल चुका था तो पुलिस ने उसे क्यों लिया और अब तक वापस क्यों नहीं कर रही है। बता दें कि बीते गुरुवार को एसपी अरविंद प्रताप सिंह ने 28 लाख रुपए के 112 मोबाइल को उनकी पुलिस टीम के द्वारा बरामद करने का दावा किया था, जिसे उनके वास्तविक धारकों को सौंपा गया था। मोबाइल पुलिस के द्वारा वापस नहीं किए जाने की शिकायत पीड़ित के द्वारा एसपी को व्हाट्सएप्प के माध्यम से की गई है।
———————————————-
मामले के संबंध में जानकारी ली जा रही है। सत्यापन उपरांत पीड़ित को विधिवत उसका बरामद मोबाइल वापस कराया जाएगा।
अरविंद प्रताप सिंह, एसपी, समस्तीपुर

