श्रीरामजानकी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में 47 जूनियर रेजिडेंट्स डॉक्टर पदस्थापित
65 हजार मानदेय, सख्त सेवा शर्तें और बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य
ओपीडी, इंडोर, इमरजेंसी और ओटी में ड्यूटी लेने का निर्देश
Samastipur : स्वास्थ्य व्यवस्था को और अधिक सुचारू बनाने तथा राजकीय चिकित्सा महाविद्यालयों एवं अस्पतालों में चिकित्सकों की कमी को दूर करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। विभाग ने बिहार संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा पर्षद् से प्राप्त अनुशंसा के आधार पर जूनियर रेजिडेंट के एक वर्षीय टेन्योर पदों पर चिकित्सकों की नियुक्ति कर उन्हें अस्पतालों में पदस्थापित कर दिया है। इसके तहत डॉ श्रुति कुमारी, डॉ इंद्राणी गौतम, डॉ मो. जीशान रफी, डॉ रमशा अंजुम, डॉ कर्मवीर सिंह, डॉ स्वस्ति, डॉ प्रियंका मोदी, डॉ अब्दुल्लाह, डॉ अमरदीप, डॉ रितु शिखा, डॉ दीप्ती गुप्ता, डॉ आदित्य राज, डॉ सतपाल सिंह, डॉ स्वयं आदित्य, डॉ सुनील कुमार, डॉ ऋषव कुमार, डॉ दीपशिखा, डॉ प्रकाश कुमार, डॉ आशुतोष भारद्वाज, डॉ मो. ज़्याउद्दीन, डॉ दीपा, डॉ अमित कुमार, डॉ जय कृष्णा भारती, डॉ प्रिय रंजन भारती, डॉ अंशु कुमारी, डॉ संजीव कुमार, डॉ मनोज कुमार ठाकुर, डॉ ओस्मा महमूद, डॉ किशन कुमार, डॉ जूही कुमारी, डॉ स्नेहा बाला, डॉ हुसैन रागिब, डॉ मो. कौसर इमाम, डॉ अभिषेक चंद्रा, डॉ सुरभि श्री, डॉ मात्रिका वागमी, डॉ फैज अकरम,डॉ गजला अमीन, डॉ प्रज्ञा कुमारी, डॉ आदित्य रंजन, डॉ उर्वशी डॉ शाहरुख रजा, डॉ तान्या सिंह, डॉ भव्या भारद्वाज, डॉ आशीष आनंद, डॉ सौम्या सिंह एवं डॉ अभिषेक कुमार को श्रीरामजानकी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में पदस्थापित किया गया है।
65 हजार मानदेय, सख्त सेवा शर्तें और बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य
नवनियुक्त जूनियर रेजिडेंट्स को प्रतिमाह 65 हजार रुपए का एकमुश्त मानदेय भुगतान किया जाएगा। यह नियुक्ति पूर्णतः संविदा आधारित है और मात्र एक वर्ष के टेन्योर पद के लिए की गई है। कार्य अवधि समाप्त होने के बाद चिकित्सक इस पद पर बने रहने का कोई दावा नहीं कर सकेंगे। विभाग ने स्पष्ट किया है कि चिकित्सकों को 15 दिनों के भीतर अपने निर्धारित पदस्थापन स्थल पर कार्यभार ग्रहण करना अनिवार्य है। अस्पताल के अधीक्षकों को निर्देश दिया गया है कि वे इन चिकित्सकों की सेवाएँ ओपीडी (बाह्य विभाग), इंडोर, इमरजेंसी और ओटी (ऑपरेशन थिएटर) में सुनिश्चित करें। एनएमसी के नियमों के तहत इनकी बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज की जाएगी और नियमित रूप से ड्यूटी रोस्टर प्रदर्शित किया जाएगा। विभाग समय-समय पर इनके कार्य और आचरण की समीक्षा करेगा। यदि कार्य असंतोषजनक पाया जाता है, तो समय से पूर्व भी सेवा मुक्त किया जा सकता है। आदेश के अनुसार, इन चिकित्सकों को आकस्मिक अवकाश के अतिरिक्त अन्य कोई छुट्टी देय नहीं होगी। यदि कोई चिकित्सक लगातार 15 दिनों तक अनधिकृत रूप से अनुपस्थित रहता है, तो उसका टेन्योर स्वतः समाप्त माना जाएगा। वहीं, यदि कोई चिकित्सक कार्यकाल पूरा होने से पहले इस्तीफा देना चाहता है, तो उसे एक माह पूर्व अधीक्षक के माध्यम से विभाग को आवेदन देकर अनुमति लेनी होगी।

