समस्‍तीपुर

सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में 30 घंटे की नॉन-स्टॉप ड्यूटी करने वाला डॉक्टर… मरीजों की जान जोखिम में!

एक ही डॉक्टर से चार शिफ्ट की ड्यूटी, अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही से मरीजों का इलाज भगवान भरोसे

Samastipur : सदर अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही से इमरजेंसी वार्ड में इलाज के आने वाले मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। खिलवाड़ किए जाने के इस मामले के सामने आने के बाद सदर अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। यह गंभीर मामला सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में एक ही डॉक्टर के द्वारा चार शिफ्ट में लगातार 30 घंटे ड्यूटी करने का है। जबकि, किसी भी आपात स्थिति को छोड़कर अस्पताल के किसी भी डॉक्टर या कर्मी से 8 घंटा से अधिक ड्यूटी नहीं लिया जाना है। सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में डॉ संतोष कुमार झा लगातार 30 घंटे ड्यूटी करते हैं। इसमें अपनी एक शिफ्ट के अलावा वह नियम के विरुद्ध तीन अन्य डॉक्टरों की भी ड्यूटी करते हैं। अस्पताल प्रबंधन के द्वारा इसकी कोई खोज खबर नहीं ली जाती है। प्रतिदिन औसतन 150 से करीब गंभीर मरीज इलाज के सदर अस्पताल में पहुंचते हैं। उनका किस तरह से इलाज होता होगा यह सोचने वाली बात है। सदर अस्पताल प्रबंधन की इस लापरवाही का खामियाजा मरीजों को इलाज में लापरवाही के रूप में भुगतना पड़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग के नियम के अनुसार, स्वास्थ्य संस्थानों में पदस्थापित चिकित्सकों को अपने स्वास्थ्य संस्थान के इर्द-गिर्द आवास लेकर रहना है और इसके लिए उन्हें आवास भत्ता भी दिया जाता है। जबकि, डॉ संतोष कुमार झा ने समस्तीपुर शहर में सदर अस्पताल के नजदीक या दूर कहीं भी आवास नहीं लिया है और ड्यूटी के लिए वह दरभंगा जिला स्थित अपने घर से आते-जाते हैं।

डॉ. संतोष की जगह दूसरे डॉक्टरों की भी ड्यूटी, रोस्टर की धज्जियां उड़ाकर चल रहा ‘एकल डॉक्टर मॉडल’

सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड के ड्यूटी रोस्टर के अनुसार, 22 नवंबर की सुबह 8 बजे 2 बजे तक डॉ एनके चौधरी की ड्यूटी थी, लेकिन उनकी जगह डॉ संतोष कुमार झा ने उनकी ड्यूटी की। वहीं, दोपहर 2 बजे रात के 8 बजे तक डॉ संतोष कुमार झा ने खुद अपनी ड्यूटी करने के बाद रात के 8 बजे से अगले दिन 23 नवंबर की सुबह 8 बजे तक डॉ मनीष कुमार (एमडी) की ड्यूटी भी की। सुबह के 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक डॉ राजेश कुमार या डॉ उत्सव कुमार को ड्यूटी करनी थी, लेकिन उनकी भी ड्यूटी डॉ संतोष कुमार झा के द्वारा की गई। अब संतोष कुमार झा की ड्यूटी सोमवार रात के 8 बजे से मंगलवार की सुबह 8 की है। इसमें वह अपनी ड्यूटी के साथ-साथ अपने शिफ्ट के आसपास के डॉक्टरों की भी ड्यूटी करेंगे। उनके इस तरह ड्यूटी का सिलसिला काफी समय पहले से चला आ रहा है।

सीसीटीवी और मुख्यालय मॉनिटरिंग के बावजूद कार्रवाई शून्य

स्वास्थ्य विभाग के मॉडल रोस्टर ड्यूटी के अनुसार डॉक्टरों को अब सप्ताह में कम से कम 48 घंटे की ड्यूटी करने का निर्देश है। ओपीडी से लेकर इमरजेंसी और लेबर रूम में रोस्टर ड्यूटी के अनुसार काम करने का निर्देश है। डॉ संतोष कुमार झा ने इसे काफी गंभीरता से लिया है। इसीलिए वह अपनी ड्यूटी के साथ-साथ अन्य डॉक्टरों की भी ड्यूटी करते हैं। इमरजेंसी जैसे वार्ड में लगातार चार शिफ्ट में ड्यूटी करने की बात काफी गंभीर है। ऐसे में यह सवाल उठता है कि मरीजों का वह डॉक्टर किस तरह से इलाज करते होंगे यह जांच का विषय है। ऐसे डॉक्टर व प्रबंधन पर कार्रवाई की जरूरत है। जबकि सदर अस्पताल में जगह-जगह पर सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। इसकी निगरानी मुख्यालय स्तर से होती है। बावजूद इसके सदर अस्पताल की इस लचर स्वास्थ्य व्यवस्था का हाल लेने वाला कोई नहीं है।

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यह मामला काफी गंभीर है। इस संबंध में सभी संबंधित चिकित्सकों से पूछा जाएगा। इसकी जांच उपरांत कार्रवाई की जाएगी।

डॉ गिरीश कुमार, डीएस, सदर अस्पताल, समस्तीपुर 

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