102 में 90 एचडब्लूसी का निर्माण अधर में, एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करने की तैयारी में विभाग
सिर्फ 12 केंद्र हैंडओवर, लैंड इशू और एजेंसियों की लापरवाही से बाकी का अब तक निर्माण पूर्ण नहीं
Samastipur : गांव-देहात में गंभीर व असाध्य बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को घर के पास ही इलाज उपलब्ध कराने के लिए हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर (एचडब्लूसी) खोलने की सरकारी योजना लटक गई है। जिले में प्रस्तावित 102 एचडब्लूसी में से सिर्फ 12 ही बनकर विभाग को हैंडओवर हुए हैं, जबकि शेष 90 केंद्रों का निर्माण या तो अधूरा है या निर्माण पूर्ण होने के बावजूद संबंधित एजेंसी ने विभाग को एचडब्लूसी भवन हैंडओवर नहीं किया है। बीएमएसआईसीएल, पटना द्वारा जारी ताजा प्रगति रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आयी है। वहीं, इनमें से दो सेंटर बनकर तो तैयार हैं, लेकिन उन्हें हैंडओवर नहीं किया गया है। इसके अलावा 16 जगहों पर लैंड इशू की समस्या के कारण निर्माण अधर में अटका हुआ है। शेष सेंटरों में कहीं निर्माण बीच में बंद पड़ा है, कहीं बिल्डिंग पूरी है लेकिन एजेंसी ने हैंडओवर नहीं किया, और कई जगह जमीन विवाद के कारण काम शुरू तक नहीं हो पाया। देरी से नाराज स्वास्थ्य विभाग ने अब निर्माण एजेंसियों व ठेकेदारों पर शिकंजा कसते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है। विभाग के अधिकारियों ने निर्माण की मॉनिटरिंग तेज कर दी है और कई एजेंसियों व ठेकेदारों के विरुद्ध कार्रवाई शुरू कर दी है। विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि लंबित निर्माण जल्द पूरा नहीं हुआ तो आगे और कठोर कदम उठाए जाएंगे। इसको लेकर ठेकेदार को डिबार्ड किया गया है और साथ ही संबंधित एजेंसी को ब्लैकलिस्टिंग के लिए लास्ट नोटिस दिया गया है।
लैंड इशू, एनओसी पेंडिंग और एजेंसियों की लापरवाही से निर्माण अधूरा
स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, रोसड़ा प्रखंड में दो जगहों पर लैंड इशू की समस्या है और एनओसी पेंडिंग है। इसके अलावा बिथान, मोरवा, समस्तीपुर, मोहिउद्दीननगर व विभूतिपुर प्रखंड में लैंड इशू को लेकर एनओसी पेंडिंग है। वारिसनगर प्रखंड अंतर्गत बनने वाले एचडब्लूसी के तीन जगहों पर लैंड इशू व एनओसी पेंडिंग है। इसमें से एक जगह पर शिक्षा विभाग से एनओसी नहीं मिला है। वहीं, मोहनपुर प्रखंड अंतर्गत दो जगहों पर लैंड इशू को लेकर निर्माण स्थल की जगह बदलने के लिए विभाग से पूछा गया है। दलसिंहसराय प्रखंड के मुख्तियारपुर सलखन्नी, बंधारा, उजियारपुर प्रखंड के चैता, महेशपट्टी, ताजपुर प्रखंड के गौसपुर सरसौना, पटोरी के दरवा, मोरवा के सूर्यापुर, सरायरंजन प्रखंड के गंगापुर, बी ऐलौथ व उदयपुर एवं विद्यापतिनगर के गढ़सिसई में ही एचडब्लूसी का निर्माण पूरा हुआ है। इन सभी को तय प्रक्रिया के तहत विभाग को हैंडओवर किया जा चुका है। वहीं, सिंघिया प्रखंड के धकजरी एवं विभूतिपुर प्रखंड के महथी में निर्माण कार्य पूर्ण है, लेकिन एजेंसी के द्वारा अभी तक उन्हें विभाग को हैंडओवर नहीं किया गया है। बीएमएसआईसीएल की प्रगति रिपोर्ट के अनुसार, अधिकांश अधूरे केंद्रों पर कार्य 20 से 90 प्रतिशत के बीच अटका हुआ है।
केंद्र चालू नहीं, तो इलाज भी शुरू नहीं, गंभीर मरीजों को नियमित दवा और जांच सुविधा से वंचित ग्रामीण
बता दें कि स्वास्थ्य विभाग ने प्राथमिक स्तर पर ही ब्लड प्रेशर, शुगर और कैंसर जैसे गंभीर व असाध्य रोगों के मरीजों को नियमित जांच और जीवन रक्षक दवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर का निर्माण करा रही है। ताकि मरीजों को दूर शहरों में भटकना ना पड़े और समय पर इलाज घर के आसपास ही मिल सके। नई बीमारी की पहचान होने पर मरीजों को तुरंत उच्च चिकित्सा संस्थानों में रेफर करने की व्यवस्था भी की जानी थी। इन सेंटरों के चालू ना होने से ग्रामीण इलाकों में गंभीर बीमारियों से ग्रसित मरीजों को नियमित दवा और जांच सुविधा शुरू ही नहीं हो पा रही। चिकित्सकों, एएनएम व अन्य कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण देने की प्रक्रिया भी सेंटर तैयार ना होने की वजह से रुकी हुई है।

