छठ महापर्व के अवसर पर सुरक्षा व स्वास्थ्य व्यवस्था अलर्ट मोड में, 811 पदाधिकारी व 4443 जवान रहेंगे तैनात
मगरदही पुराने पुल और रेलवे ट्रैक पर जमावड़ा वर्जित, मेडिकल टीम और एम्बुलेंस सभी घाटों पर उपलब्ध
Samastipur : छठ महापर्व के अवसर पर जिले में विधि-व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर जिला पुलिस प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड में हैं। जिला एवं अनुमंडल स्तर पर नियंत्रण कक्ष स्थापित किए गए हैं। जिला नियंत्रण कक्ष में 24 पदाधिकारी, छह पुलिस पदाधिकारी, 30 सशस्त्र व 25 लाठी बल के महिला-पुरुष जवान तैनात रहेंगे। वहीं, सहायक समस्तीपुर अनुमंडल नियंत्रण कक्ष में 16 पदाधिकारी, चार पुलिस पदाधिकारी, 10 सशस्त्र व 60 लाठी बल के जवान प्रतिनियुक्त किए गए हैं। वहीं, इसी तरह रोसड़ा, दलसिंहसराय व पटोरी अनुमंडल में स्थापित नियंत्रण कक्ष में कुल 27 पदाधिकारी, 22 पुलिस पदाधिकारी, 67 सशस्त्र व 126 लाठी बल महिला-पुरुष जवान तैनात प्रतिनियुक्त रहेंगे। बता दें कि जिले में शांति पूर्वक छठ पर्व संपन्न कराने को लेकर 91 पदाधिकारी, 478 दंडाधिकारी, 242 पुलिस पदाधिकारी एवं सशस्त्र व लाठी बल के चार हजार 443 महिला-पुरुष जवान तैनात रहेंगे। जिला नियंत्रण कक्ष 27 अक्टूबर से 28 अक्टूबर अपराह्न 2 बजे तक तीन पालियों में कार्यरत रहेगा। नियंत्रण कक्ष में दो रसिंग पार्टी हर समय तैयार रहेंगी। इसके अलावा रोसड़ा, दलसिंहसराय और पटोरी अनुमंडल मुख्यालयों में अनुमंडल नियंत्रण कक्ष में फायर ब्रिगेड तैयार स्थिति में रखी गई है। मगरदही घाट के दक्षिण और उत्तर क्षेत्र में ऊंचे स्थानों पर सहायक नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया गया है। विषम परिस्थितियों के लिए जिला नियंत्रण कक्ष में दो फायर ब्रिगेड और मगरदही घाट स्थित नियंत्रण कक्ष में एक फायर ब्रिगेड सभी आवश्यक उपकरणों के साथ तैनात रहेगी। समस्तीपुर शहरी व प्रखंड क्षेत्र सहित जिले के सभी थाना क्षेत्रों में चिन्हित छठ घाटों पर दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी और जवानों की पर्याप्त तैनाती सुनिश्चित की गई है। सभी प्रतिनियुक्त पदाधिकारी संध्याकालीन अर्घ्य के दिन दोपहर 12 बजे से अपने प्रतिनियुक्ति स्थल पर उपस्थित रहेंगे और पूजा शांतिपूर्ण समाप्ति तक वहीं रहेंगे। प्रातःकालीन अर्घ्य के दिन एक बजे (रात्रि) से पुनः प्रतिनियुक्ति स्थल पर मौजूद रहकर पर्व की शांतिपूर्ण समाप्ति तक निगरानी करेंगे। गश्ती दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी प्रतिनियुक्ति अवधि में अपने क्षेत्र में भ्रमणशील रहकर स्थिति पर कड़ी नजर रखेंगे। जहां छठव्रती रात में ठहरते हैं, वहां थानाध्यक्ष द्वारा चौकीदार की प्रतिनियुक्ति की जाएगी।
छठ पर मगरदही पुराने पुल पर जमावड़ा सख्त वर्जित, रेलवे ट्रैक के पास आयोजन पर भी रोक
छठ पर्व के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन ने मगरदही घाट स्थित पुराने पुल और रेलवे ट्रैक के आसपास विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। स्पष्ट किया है कि मगरदही पुराना पुल जर्जर स्थिति में है तथा पथ निर्माण विभाग द्वारा इस पर आवागमन को पहले ही वर्जित किया जा चुका है। इसके बावजूद पर्व के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु और दर्शक पुल पर खड़े होकर अर्घ्य देते हैं, जिससे किसी अप्रिय घटना की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। ऐसे में पुल पर किसी भी स्थिति में लोगों का जमावड़ा नहीं होने देने का आदेश जारी किया गया है। पुल पर दंडाधिकारी की प्रतिनियुक्ति की गई है, जो यातायात पुलिस की सहायता से आवागमन नियंत्रित करेंगे और किसी को भी रुकने नहीं देंगे। साथ ही, रेलवे स्टेशन, रेलवे फाटक और रेलवे ट्रैक के आस-पास विशेष निगरानी का भी निर्देश दिया गया है। बिना स्वीकृति के ऐसे किसी आयोजन की अनुमति नहीं दी जाएगी, जो रेलवे ट्रैक या स्टेशन के पास आयोजित हो। यदि किसी आयोजन की अनुमति देनी भी पड़े, तो उसकी सूचना कम से कम एक सप्ताह पहले स्थानीय रेलवे अधिकारियों को दी जाए और संबंधित स्थल पर आवश्यक बैरिकेडिंग, पुलिस बल व दंडाधिकारी की तैनाती सुनिश्चित किए जाने का निर्देश है।
छठ पर्व पर स्वास्थ्य व्यवस्था सुदृढ़, सभी चिन्हित घाटों पर तैनात रहेगी मेडिकल टीम
छठ पर्व के अवसर पर भारी संख्या में छठव्रती और श्रद्धालु नदी किनारे छठ पूजा के लिए पहुंचते हैं। अधिक भीड़ और पानी में खड़े रहने के कारण किसी अप्रिय घटना की संभावना को देखते हुए स्वास्थ्य व्यवस्था सुदृढ़ करने के निर्देश दिए हैं। मगरदही घाट स्थित नियंत्रण कक्ष में पर्याप्त संख्या में चिकित्सक और स्वास्थ्य कर्मियों को प्रतिनियुक्त करने के लिए सिविल सर्जन को निर्देशित किया गया है। सभी आवश्यक जीवनरक्षक दवाओं, उपकरणों और एम्बुलेंस की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। जिले के सभी चिन्हित घाटों पर एक-एक चिकित्सक और स्वास्थ्य कर्मी की प्रतिनियुक्ति का निर्देश है। इसके अतिरिक्त सभी अनुमंडलीय अस्पताल, रेफरल अस्पताल और पीएचसी में भी आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। छठ पर्व के दौरान चलंत चिकित्सा दल, स्थायी चिकित्सा शिविर एवं सम्बद्ध अस्पतालों व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सकों और पैरामेडिकल कर्मियों की पालीवार प्रतिनियुक्ति की जाएगी। सदर अस्पताल में भी रोस्टर के अनुसार चिकित्सक और स्वास्थ्य कर्मियों की उपस्थिति सुनिश्चित होगी। एक एम्बुलेंस लगातार तैयार स्थिति में रखी जाएगी, ताकि आवश्यकता पड़ने पर तुरंत सेवा उपलब्ध कराई जा सके।

