जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने बिथान थानाध्यक्ष को भेजा नोटिस, मांगा स्पष्टीकरण
नियम के विरुद्ध जाकर किशोर के चरित्र प्रमाण पत्र में जुवेनाइल केस का कर दिया उल्लेख
ट्रेनिंग के बावजूद नियम की नहीं जानकारी, उल्लंघन पर छह माह की जेल या दो लाख जुर्माना संभव
Samastipur :- नियम-कानून की जानकारी न होने और लापरवाही बरतने पर जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड, समस्तीपुर ने बिथान थानाध्यक्ष को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। आरोप है कि थानाध्यक्ष ने एक विधि-विरुद्ध किशोर के चरित्र प्रमाण पत्र में उसके खिलाफ चल रहे मामले का उल्लेख कर दिया, जबकि जेजे एक्ट में इसकी सख्त मनाही है। इस गलती से किशोर का होमगार्ड में चयन होने के बावजूद ट्रेनिंग पर जाना रुक गया। हालांकि, मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी थानाध्यक्ष ने अभी तक स्पष्टीकरण का जवाब नहीं दिया है। स्पष्टीकरण मांगते हुए प्रधान दंडाधिकार कुमार सौरभ भानु ने स्पष्ट किया कि जेजे एक्ट की धारा 74 के तहत किसी भी किशोर के मामले का उल्लेख किसी प्रमाण पत्र या पत्राचार में नहीं किया जा सकता। इस उल्लंघन पर संबंधित को छह माह तक की जेल या दो लाख रुपए तक का जुर्माना भुगतना पड़ सकता है। किशोर की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए थानाध्यक्ष से जवाब तलब किया गया है और इसकी सूचना वरीय अधिकारियों तक भी भेज दी गई है।
वहीं, बोर्ड सदस्य निर्भय कुमार सिंह ने कहा कि 8 सितंबर को ही सभी थानाध्यक्षों को विशेष ट्रेनिंग देकर यह निर्देश दिया गया था कि चरित्र प्रमाण पत्र में किसी किशोर के केस की चर्चा नहीं होनी चाहिए। इसके बावजूद बिथान थानाध्यक्ष ने नियमों की अनदेखी की, जिस पर अब उनसे लिखित स्पष्टीकरण मांगा गया है। बता दें कि एक विधि विरुद्ध किशोर का मामला जुवेनाइल बोर्ड में चल रहा है। किशोर का चयन अंतिम रूप से बिहार होमगार्ड के रूप में हो गया है। उसे चरित्र प्रमाण पत्र जमा करना था। जबकि बिथान थानाध्यक्ष की ओर से जुवेनाइल पर हुए केस की चर्चा करते हुए प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया। जिससे किशोर होम गार्ड में चयनित होने के बाद भी ट्रेनिंग पर नहीं भेजा गया। इसकी शिकायत उसके द्वारा बोर्ड में की गई। थानाध्यक्ष के छुट्टी पर रहने के कारण उनका पक्ष नहीं जाना जा सका है।

