सदर अस्पताल में बायोमेट्रिक अटेंडेंस का पालन नहीं कर रहे चिकित्सक, रजिस्टर में साइन कर उठा रहे वेतन
बायोमेट्रिक अटेंडेंस के आधार पर वेतन भुगतान का है आदेश, नहीं हो रहा अनुपालन
स्वास्थ्य सचिव व डीएम के आदेश का भी नहीं पालन, बावजूद इसके हो रहा वेतन भुगतान
Samastipur : सदर अस्पताल में स्वास्थ्य व्यवस्था के नाम पर खानापूर्ति हो रही है। विभागीय निर्देशों का जमकर उल्लंघन हो रहा है। एक तरफ जहां सदर अस्पताल में इलाज कराने पहुंचने वाले मरीजों को सख्ती के साथ जबरन आभा आईडी रजिस्ट्रेशन कराया जाता है। वहीं, दूसरी और सदर अस्पताल में पदस्थापित डॉक्टर विभागीय निर्देशों का उल्लंघन कर बायोमेट्रिक मशीन में अटेंडेंस नहीं बनाकर रजिस्टर में सिग्नेचर कर अपनी ड्यूटी की उपस्थिति दर्ज कराते हैं। जबकि ऑनलाइन और पारदर्शी व्यवस्था के तहत डॉक्टरों को भी अपनी ड्यूटी पर उपस्थिति विभाग के तय नियमों के आधार पर करनी चाहिए, लेकिन सदर अस्पताल में इसका अनुपालन नहीं हो रहा है। इस संबंध में सदर अस्पताल के डीएस डॉ गिरीश कुमार ने बताया कि अभी सदर अस्पताल में पदस्थापित 56 डॉक्टरों में से आठ डॉक्टर लंबे समय से गायब हैं। वहीं, दो डॉक्टर डेपुटेशन पर हैं और अभी वर्तमान में 46 डॉक्टर ड्यूटी में हैं। बता दें कि पिछले वर्ष सदर अस्पताल में डॉक्टरों के हाजिरी घोटाले का पर्दाफाश हुआ था कि कैसे डॉक्टर अपनी ड्यूटी से गायब रहते हैं और किसी दिन आकर रजिस्टर पर महीने भर की हाजिरी बना लेते हैं। अभी इससे जुड़ा एक और मामला सामने आया है, जिसमें सदर अस्पताल के एआरटी सेंटर में पदस्थापित एक महिला डॉक्टर के लंबे समय से ड्यूटी से गायब रहने और वेतन उठाने पर सदर अस्पताल उपाधीक्षक को जांच कर कार्रवाई का निर्देश दिया गया था।
रजिस्टर पर बनी हाजिरी से हो रहा वेतन भुगतान, पूर्व में हो चुका है हाजिरी घोटाले का खुलासा
डॉक्टरों के गायब रहने का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पूर्व भी सदर अस्पताल में पदस्थापित एक डॉक्टर के लंबे समय से गायब रहकर पटना स्थित अपने निजी क्लीनिक चलाने को लेकर विधानसभा में एक विधायक के द्वारा मुद्दा उठाया जा चुका है। बताते चलें कि मुख्यालय के निर्देश के बावजूद सदर अस्पताल में पदस्थापित डॉक्टर बायोमेट्रिक मशीन में अटेंडेंस नहीं बनाते हैं। इसके बावजूद उन्हें उनके वेतन का भुगतान किया जा रहा है। जबकि नियमानुसार बायोमेट्रिक मशीन में अटेंडेंस नहीं बनाने वाले डॉक्टरों के वेतन भुगतान पर रोक का निर्देश है। राज्य के मेडिकल कॉलेज व अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार को लेकर स्वास्थ्य विभाग के सचिव सौ फीसदी बायोमेट्रिक अटेंडेंस, मेडिकल कॉलेजों में आभा आईडी से मरीजों के रजिस्ट्रेशन का निर्देश दिया हुआ है। वहीं, समस्तीपुर डीएम के द्वारा भी बायोमेट्रिक अटेंडेंस के आधार पर वेतन भुगतान का आदेश दिया गया है, लेकिन इसका अनुपालन नहीं हो रहा है।
बायोमेट्रिक मशीन से हाजिरी बनाने से आगमन व प्रस्थान के समय की पूरी जानकारी रहती है दर्ज
बायोमेट्रिक मशीन से हाजिरी बनाने से डॉक्टरों के आगमन व प्रस्थान के समय की पूरी जानकारी रहती है। वेतन और मानदेय का भुगतान केवल बायोमेट्रिक उपस्थिति के आधार पर किया जाना है। बिना बायोमेट्रिक हाजिरी के भुगतान करने पर संबंधित पदाधिकारी पर कार्रवाई का निर्देश है। हालांकि, इसका पालन नहीं हो रहा है। बता दें कि बायोमेट्रिक सिस्टम में आगमन-प्रस्थान का समय, अनुपस्थित अवधि, अवकाश व सार्वजनिक छुट्टी का विवरण दर्ज होता है। सदर अस्पताल में मशीन लगाई गई है, लेकिन डॉक्टरों के बायोमेट्रिक अटेंडेंस नहीं बनाने के कारण उनका भुगतान मैन्युअल रजिस्टर में बनी हाजिरी के आधार पर हो रहा है। वहीं, कई डॉक्टर दूसरे जिलों से ड्यूटी पर आते हैं और देर से पहुंचते हैं, जिससे मरीजों को इंतजार करना पड़ता है। जबकि, विभाग के नियमों के आधार पर उन्हें पदस्थापन स्थल के चार किलोमीटर के दायरे में आवास लेकर रहना है। सरकार इसके लिए उन्हें आवास भत्ता भी देती है। हालांकि, डॉक्टर बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज नहीं करा रहे हैं।

