जिले में तीन नए अग्निशामालय भवनों का निर्माण, करोड़ों की योजनाओं को मिली स्वीकृति
रोसड़ा, समस्तीपुर और पटोरी में बनेंगे आधुनिक जी+3 अग्निशामालय, कर्मियों की सुविधा होगी बेहतर
Samastipur : जिले में आने वाले दिनों में कई अग्निशामालय भवन का निर्माण होगा। सरकार के द्वारा राशि की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। इसके साथ ही अग्निशमन विभाग के आधुनिकीकरण व कर्मियों की सुविधाओं के लिए पूर्व में कई योजनाएं स्वीकृत किए गए हैं। जिले में अग्निशमन विभाग के चार स्टेशन स्थापित हैं। इसमें तीन स्टेशन भूमिहीन हैं। समस्तीपुर में विधि महाविद्यालय के निकट सरकार के एक जर्जर भवन में संचालित है। रोसड़ा में जेल कैंपस और पटोरी में अनुमंडल कार्यालय में स्टेशन को वर्षों से संचालित किया जा रहा है। स्टेशन का अपना भवन नहीं होने से संसाधनों के रखरखाव और कर्मियों को रहने में काफी कठिनाई हो रही है। रोसड़ा अनुमंडल में दो यूनिट के अधिसूचित अग्निशामालय के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। बिहार सरकार के गृह विभाग (आरक्षी शाखा) ने इसके लिए 6.98 करोड़ की नयी योजना को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस योजना के तहत जी+3 स्ट्रक्चर वाला अग्निशामालय भवन, 125 केवीए जनरेटर सेट, रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, फायर हाइड्रेंट व अंडरग्राउंड आरसीसी टैंक सहित अन्य आधारभूत संरचनाओं का निर्माण कराया जाएगा। गृह विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार यह स्वीकृति निदेशक-सह-राज्य अग्निशमन पदाधिकारी, बिहार के पत्र के आलोक में दी गई है। स्वीकृत राशि राज्य योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 एवं आगामी वर्षों के बजट प्रावधान से खर्च की जाएगी। योजना की प्रशासनिक स्वीकृति की वैधता आदेश निर्गत होने की तिथि से एक वर्ष तक होगी। निर्धारित अवधि में कार्य शुरू नहीं होने पर पुनः सक्षम प्राधिकार से स्वीकृति लेनी होगी। निर्माण कार्य बिहार पुलिस भवन निर्माण निगम, पटना द्वारा कराया जाएगा। इस प्रस्ताव को उप मुख्यमंत्री (गृह) का अनुमोदन भी प्राप्त है। योजना के पूर्ण होने से रोसड़ा और आसपास के क्षेत्रों में अग्निशमन व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी।
रोसड़ा, समस्तीपुर व पटोरी में भवन निर्माण, भूमिहीन स्टेशनों को मिलेगा स्थायी ठिकाना
समस्तीपुर जिलान्तर्गत अधिसूचित दो यूनिट वाले जिला अग्निशामालय भवन का निर्माण 339.50 लाख रुपए की लागत से कराया जाना है। योजना के अनुसार जी+3 संरचना वाला अग्निशामालय भवन, 125 केवीए जनरेटर सेट, रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, फायर हाइड्रेंट व अंडरग्राउंड आरसीसी टैंक के साथ आधारभूत संरचना का विद्युतिकरण भी किया जाएगा। निर्माण कार्य 12 माह की अवधि में पूरा किया जाना है। वहीं, 2 यूनिट के अधिसूचित अग्निशामालय, शाहपुर पटोरी के कस्टमाइज्ड अग्निशामालय भवन (जी+3 स्ट्रक्चर), जनरेटर सेट 125 केवीए, रेन वॉटर हार्वेस्टिंग, फायर हाइड्रेंट व अंडर ग्राउंड आरसीसी टैंक एवं आधारभूत संरचना का विद्युतिकरण सहित निर्माण कार्य दो करोड़ 94 लाख 10 हजार 250 रुपए की राशि से कराया जाएगा। कार्य 14 महीनों में पूर्ण होना है। वहीं, दलसिंहसराय अनुमंडल में सरकार से प्रस्तावित मॉडल के अनुसार फायर प्टेशन को बिल्डिंग ओर अन्य सभी आधुनिक सुविधाएं हैं। जिला कार्यालय समस्तीपुर जिला अग्निशमन कार्यालय व रोसड़ा एवं पटोरी में अग्निशमन कार्यालय का अपना अवन नहीं है। इस कारण कर्मियों को काफी कठिनाई हो रही है। जिला मुख्यालय के अग्निशमन कार्यालय में तो थोड़ी बारिश में ही पानी प्रवेश कर जाता था। जिला मुख्यालय का भवन शहर के हरपुर एलौथ में बनेगा। रोसड़ा के सहियार डीह व पटोरी के शाहपुर उंडी में चयनित स्थल की भूमि का अधिग्रहण किया जा चुका है। पुलिस भवन निर्माण निगम दरभंगा ने चिह्नित स्थलों का पूर्व में भौतिक सत्यापन भी किया था।
अग्निशमन विभाग का आधुनिकीकरण, उपकरण व कर्मियों की सुविधाओं पर सरकार का फोकस
गृह विभाग, बिहार सरकार अग्निशमन विभाग के आधुनिकीकरण व सुविधा के लिए भवन के साथ-साथ उपकरण व अन्य चीजों की खरीद कर रही है। पूर्व में ही 2380 अदद फायरमैन हेलमेट (नॉन-मेटल) के क्रय हेतु 31.29 लाख की अतिरिक्त वृद्धित राशि विमुक्त करने की स्वीकृति पूर्व में ही दी हुई है। वहीं, अग्निशमन कर्मियों के लिए पांच हजार रुपए की दर से राज्य भर में 424 अदद एलईडी टॉर्च (हैंड हेल्ड सर्च लाइट) के क्रय हेतु 21.20 लाख रुपए की राशि विमुक्त करने की स्वीकृति पूर्व में ही दी हुई है। बिहार सरकार ने जिलों के अग्निशमन पदाधिकारियों के लिए 43 छोटी बंद वाहन (स्टाफ कार) की खरीद को मंजूरी दी हुई है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में 6.12 रुपए करोड़ की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई, जिसे 2025-26 तक पुनर्वैधीकृत किया गया है। इसके अलावा सरकार ने राज्य के सभी अग्निशमनालयों में कार्यरत अग्निशमन कर्मियों के लिए छह हजार रुपए प्रति की दर से 3600 फोल्डिंग कॉट की खरीद को मंजूरी दी हुई है। इसका उपयोग सब-ऑफिसर, प्रधान अग्निक, प्रधान अग्निक चालक व अग्निक चालकों के विश्राम हेतु किया जाएगा।

