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हर्ष फायरिंग पर सख्त कानून के बावजूद नहीं थम रही घटनाएं, शादी समारोह का वीडियो वायरल

पहले भी हथियार लहराने के मामलों में पुलिस कार्रवाई अधूरी, पहचान के बाद केस दर्ज करने की कही बात

Samastipur : विवाह, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और अन्य आयोजनों में हर्ष फायरिंग को लेकर कानून पहले से ही सख्त है। पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी गाइडलाइन और केंद्र सरकार के संशोधित प्रावधानों के अनुसार, हर्ष फायरिंग दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है। हालांकि, इसके बावजूद जिले में हर्ष फायरिंग की घटनाओं में कमी नहीं आ रही है। हर्ष फायरिंग से जुड़ा एक वीडियो इन दिनों वायरल हो रहा है। वीडियो मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के हकीमाबाद गांव का बताया जा रहा है। जहां आयोजित एक शादी सामारोह में बने स्टेज पर डांस के दौरान एक व्यक्ति हाथ में पिस्टल लेकर ताबड़तोड़ फायरिंग करता हुआ दिखाई दे रहा है। वीडियो में फायरिंग करता हुआ दिखाई दे रहा व्यक्ति जितवारपुर चौथ डीह का बताया जा रहा है। हालांकि, www.samacharbihar.in इस वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है।

बता दें कि पिछले वर्ष हकीमाबाद गांव में हाथ में हथियार लेकर डांस करने का वीडियो वायरल हुआ था। वरीय पदाधिकारियों के संज्ञान में आने के बाद मुफ्फसिल थाना में मामला दर्ज हुआ था, लेकिन पुलिस अब तक उस मामले में ना गिरफ्तारी कर सकी है और ना ही हथियार बरामद कर सकी है। वहीं, दो महीने पहले सरस्वती पूजा के दौरान हथियार लेकर झूमते और पूजा करने का एक वीडियो वायरल हुआ था। हालांकि, उस वायरल वीडियो मामले में पुलिस ने आज तक कोई कार्रवाई नहीं की है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, वायरल वीडियो मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के धुरलख इलाके के आसपास का बताया गया है। हालांकि, यह वायरल वीडियो संज्ञान में आने के बावजूद पुलिस ने कोई मामला दर्ज नहीं किया है।

हर्ष फायरिंग पर कड़ी सजा का प्रावधान, चोट या मौत होने पर बढ़ जाती है धाराओं की गंभीरता

हर्ष फायरिंग के मामलों में शस्त्र अधिनियम, 1959 की धारा 25(9) सीधे लागू होती है। इसके तहत अधिकतम 2 वर्ष तक की सजा और एक लाख रुपए तक जुर्माना या दोनों का प्रावधान है। वहीं, हर्ष फायरिंग के दौरान कोई व्यक्ति घायल हो जाता है, तो मामला गंभीर हो जाता है। ऐसे में भारतीय न्याय संहिता की धाराएं भी जुड़ती हैं। लापरवाही या खतरनाक कृत्य से चोट पहुंचाने के मामलों में कई वर्षों तक कारावास हो सकता है। सजा की अवधि घटना की गंभीरता और चोट की प्रकृति पर निर्भर करती है। अगर हर्ष फायरिंग के कारण किसी व्यक्ति की मौत हो जाती है, तो मामला गैर-इरादतन हत्या या हत्या तक पहुंच सकता है। ऐसे मामलों में उम्रकैद तक की सजा और गंभीर परिस्थितियों में मृत्युदंड भी संभव है। वहीं, हकीमाबाद के हर्ष फायरिंग और धुरलख के हथियार के साथ पूजा करने के वायरल वीडियो के संबंध में मुफ्फसिल थानाध्यक्ष अजीत प्रसाद सिंह ने बताया कि वीडियो का सत्यापन और पहचान के बाद मामला दर्ज किया जाएगा। पुलिस अभी इसकी छानबीन में जुटी हुई है।

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