जहरीली शराब से मौत के बाद बरामदगी तेज, लेकिन असली सप्लायर अब भी पुलिस गिरफ्त से बाहर
पुलिस नहीं कर सकी जहरीली शराब की फैक्ट्री और नेटवर्क का खुलासा
Samastipur : जिले कोई बड़ा कांड होने के बाद पुलिस की सक्रियता बढ़ जाती है और फिर धीरे-धीरे उसकी कार्रवाई शिथिल पड़ जाती है। जैसे जहरीली शराब कांड के बाद जिले की पुलिस ताबड़तोड़ छापेमारी कर शराब बरामदगी के साथ इससे जुड़े लोगों को भी गिरफ्तार कर रही है। हालांकि, पुलिस की कार्रवाई के बावजूद अभी तक न जहरीली शराब बरामद हो सकी है और न इसे बनाने वालों गिरफ्तार कर सकी है। पूर्व में दो अलग-अलग थाना क्षेत्र की पुलिस ने मिनी शराब फैक्ट्री का उद्भेदन किया था। गिरफ्तार बदमाशों का एक बार पकड़े जाने के बाद दूसरे थाना क्षेत्र में मिनी शराब फैक्ट्री चलाने का आपराधिक इतिहास रहा है। बता दें कि मुसरीघरारी जहरीली शराब कांड के बाद तीन जनवरी से लेकर 26 जनवरी के बीच पुलिस ने जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में कार्रवाई करते हुए 7652.725 लीटर विदेशी व 1283.25 लीटर देशी शराब बरामद किया है। साथ ही शराब से जुड़े मामलों में 93 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की यह तेज कार्रवाई जहरीली शराब से मौत के बाद हुई है। हालांकि, पुलिस अभी तक नकली शराब बनाने वालों का भंडाफोड़ नहीं कर सकी है।
जहरीली शराब की आपूर्ति के स्रोत का खुलासा करने में पुलिस नाकाम
जिले के मुसरीघरारी थाना क्षेत्र में जहरीली शराब पीने से बीते तीन जनवरी को बखरी बुजुर्ग के बालेश्वर साह की मौत हो गई थी। वहीं, बबलू कुमार साह की आंखों की रोशनी खराब हो गई थी। पुलिस ने इस मामले में पीड़ित परिजन की शिकायत पर शराब कारोबारी अरविंद कुमार साह के विरुद्ध मामला दर्ज किया था। हालांकि, इस बड़ी घटना के कई दिन बीतने के बावजूद भी पुलिस आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। साथ ही पुलिस यह पता लगाने में भी विफल साबित हुई है कि आरोपी को जहरीली शराब की आपूर्ति कहां से हुई थी। इस कारण जिले में और खासकर इस क्षेत्र में जहरीले शराब से मौत का खतरा लगातार बना हुआ है। बताते चले कि नकली शराब बनाने के कई मामलों में मुसरीघरारी के फतेहपुर वाला के कई बदमाशों का नाम सामने आ चुका है। दर्ज मामलों के अनुसार, एक थाना क्षेत्र में नकली शराब बनाने का खुलासा होने के बाद दूसरे थाना क्षेत्र में नकली शराब बनाने की मिनी फैक्ट्री खोल लेने का बदमाशों का आपराधिक इतिहास है।
मुसरीघरारी में नकली शराब बनाने का हुआ था भंडाफोड़, फतेहपुर का रुपेश हुआ था फरार
मद्य निषेध इकाई बिहार पटना के द्वारा दी गई सूचना के आधार पर मुसरीघरारी थाना पुलिस ने 13 अक्टूबर 2024 की देर शाम चकश्याम नगर बाघी वार्ड नंबर 10 तेलिया पोखर के पास एक घर में छापेमारी कर इम्पीरियल ब्लू और मैकडॉवेल्स नंबर 1 ब्रांड का स्टीकर रैपर लगा हुआ 239 बोतल विदेशी शराब, 210 लीटर स्पिरिट, मैकडॉवेल्स नंबर 1 का 500 पीस और इम्पीरियल ब्लू का 290 पीस ढक्कन, दोनों ब्रांड का 760 पीस रैपर, बोतल पर चिपकाने वाला 510 पीस बारकोड स्टीकर एवं इसके अलावा अन्य ब्रांड का भारी में रैपर, ढक्कन व खाली बोतल इत्यादि बरामद किया गया गया था। हालांकि, पुलिस के अनुसार, छापेमारी के दौरान तीन बदमाश फरार हो गए थे। पुलिस ने खदेड़कर एक बदमाश पंकज पासवान को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में उसने भागने वाले बदमाशों का नाम बताया था। उसमें मुसरीघरारी थाना क्षेत्र के फतेहपुर का उमेश कुमार ऊर्फ ननकी, जालेश्वर सिंह का पुत्र रुपेश कुमार व तीसरा बदमाश अज्ञात है।
आर्म्स और नकली शराब कारोबार मामले में हथियार व स्पिरिट के साथ पकड़ा गया था रुपेश-विकाश
मुसरीघरारी थाना पुलिस ने बीते वर्ष 26 जुलाई की रात हरपुर एलौथ पुल के पास वाहन जांच के दौरान मुसरीघरारी थाना क्षेत्र के फतेहपुर वाला के रुपेश कुमार चौधरी और विकाश कुमार उर्फ गोलू एवं कर्पूरीग्राम थाना क्षेत्र के बाघी के अभिषेक कुमार उर्फ लक्ष्मी व विधि विरुद्ध किशोर को पकड़ा था। उनके पास से पुलिस ने दो पिस्टल, दो मैगजीन, तीन गोली, तीन मोबाइल और एक स्कूटी बरामद किया था। साथ ही पुलिस ने उनके पास से 10 लीटर स्प्रीट 1.125 लीटर विदेशी शराब बरामद किया था। पुलिस के अनुसार, यह सभी बदमाश अवैध रूप से आर्म्स का कारोबार और नकली शराब बनाने का कारोबार कर रहे थे। पूछताछ में बदमाशों ने पुलिस को बताया था कि उन्हें हथियार उनके ही गांव के नवीन सिंह ने उपलब्ध कराया था। इस मामले का खुलासा करते हुए सदर एसडीपीओ-1 संजय कुमार पाण्डेय ने कहा था कि ये बदमाश जिन कांडों में जमानत पर रिहा हुए हैं, उन कांडों में उनकी जमानत को रद्द करवाया जाएगा।
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मुसरीघरारी शराब कांड के आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है। शराब जहरीली थी या नहीं यह एफएसएल की रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगा।
संजय कुमार पाण्डेय, एएसपी सह सदर एसडीपीओ-1, समस्तीपुर

