29 सितंबर को ही सीएम रिमोट से कर चुके हैं एमसीएच का उद्धघाटन, सिविल सर्जन को पता भी नहीं
Samastipur : बिहार विधानसभा चुनाव आचार संहिता लागू होने से ठीक एक सप्ताह पहले ही सीएम नीतीश कुमार के द्वारा समस्तीपुर सदर अस्पताल स्थित एमसीएच भवन का उद्धघाटन कर दिया गया था। इसके बारे में सिविल सर्जन तक को पता नहीं था। बता दें कि एमसीएच को बिना हैंडओवर किए ही दो महीने पहले इसका उद्धघाटन कराए जाने का खुलासा पटना से सिविल सर्जन को जारी पत्र के बाद हुआ। मिली जानकारी के अनुसार, बीएमएसएआईसीएल के द्वारा सिविल सर्जन को भवन को हैंडओवर की प्रक्रिया को पूर्ण करने को लेकर एक पत्र जारी किया गया। मिली जानकारी के अनुसार, सीएम नीतीश कुमार ने बीते 29 सितंबर को पटना एक अणे मार्ग स्थित ‘संकल्प’ में रिमोट के माध्यम से 11,921 करोड़ रुपए की 20,658 योजनाओं का शिलान्यास, कार्यारंभ एवं उद्घाटन किया था। इसके अंतर्गत इसके अंतर्गत स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत विभिन्न जिलों में क्रिटिकल केयर ब्लॉक भवन, अनुमंडलीय अस्पताल, औषधि भंडार गृह एव स्वास्थ्य केंद्र के निर्माण से संबंधित 1121 करोड़ रुपए की लागत की 281 योजनाओं का शिलान्यास, कार्यारंभ एवं 272 करोड़ की लागत की 144 योजनाओं का उद्घाटन किया था। हालांकि, मिली जानकारी के अनुसार, डीएम और सिविल सर्जन के निरीक्षण के बाद ही इसकी हैंडओवर की प्रक्रिया होगी। डीएम रोशन कुशवाहा ने पिछले वर्ष इसका निरीक्षण कर आवश्यक निर्देश दिया था। साथ ही उन्होंने सदर अस्पताल में एमसीएच बिल्डिंग के दक्षिण-पूर्वी साइड से सर्किट हाउस के सामने से एक अतरिक्त गेट के निर्माण का निर्देश दिया था, लेकिन एक वर्ष बाद भी उनके निर्देश का पालन नहीं हुआ।
सदर अस्पताल में तैयार 100 बेड का अत्याधुनिक एमसीएच, शुरू होने के बाद जच्चा-बच्चा का अब यहीं होगा उपचार
सदर अस्पताल में पूर्णतः वातानुकूलित पांच मंजिला 100 बेड वाला एमसीएच (मेटरनिटी एंड चाइल्ड हॉस्पिटल) का निर्माण हुआ है। इसके शुरू हो जाने के बाद सदर अस्पताल से जच्चा-बच्चा की गंभीर स्थिति होने पर उन्हें डीएमसीएच व पीएमसीएच रेफर करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। उनका यहीं अत्याधुनिक सुविधा व विशेषज्ञ चिकित्सकों के द्वारा इलाज किया जाएगा। इसके बन जाने के बाद जच्चा और बच्चा दोनों का यहीं इलाज होगा। यहां दोनों के लिए इलाज से जुड़ी सारी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसमें अत्याधुनिक सुविधा, विशेषज्ञ चिकित्सकों के अलावे पैथॉलॉजिकल जांच की भी व्यवस्था होगी। 24 घंटे स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध रहेगी। आईसीयू व अन्य अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरण के साथ इसमें स्त्री व शिशु रोग विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती रहेगी। इसमें मरीजों के लिए वार्ड में अत्याधुनिक सुविधा व पैथॉलॉजिकल जांच की भी व्यवस्था होगी। मरीजों को एक ही छत के नीचे सारी सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके हैंडओवर के बाद इसमें मेडिकल इक्विपमेंट्स आदि का इंस्टॉलेशन कार्य भी कराया जाना है। वहीं, इसके शुरू हो जाने के बाद मरीजों के वाहन, एम्बुलेंस व स्वास्थ्य कर्मियों के वाहनों की पार्किंग आदि की व्यवस्था के लिए भी विचार किया जा रहा है। एमसीएच हॉस्पिटल ने लेबर रूम और महिला वार्ड का एक बड़ा हॉल बनाया जाएगा। महिला ओपीडी को भी इसी भवन में शिफ्ट किया जाएगा।
एमसीएच का हैंडओवर अटका, बीएमएसएआईसीएल ने तीसरी बार सिविल सर्जन को भेजा पत्र
एमसीएच के हैंडओवर की प्रक्रिया को पूर्ण करने के लिए बीएमएसएआईसीएल के उपमहाप्रबंधक (परियोजना) विकास कुमार झा ने 12 नवंबर को सिविल सर्जन को तीसरी बार पत्र भेजकर भवन को हस्तगत लेने का आग्रह किया है। पत्र में बताया गया है कि संवेदक इन्द्र नारायण सिंह कॉन्ट्रैक्टर्स प्राइवेट लिमिटेड पटना द्वारा मातृ-शिशु अस्पताल का निर्माण नक्शा एवं विशिष्टि के अनुरूप पूर्ण करा दिया गया है। इसको लेकर 21 जनवरी 2025 और 8 सितंबर 2025 को बीएमएसएआईसीएल की ओर से नवनिर्मित भवन को हस्तगत लेने के लिए अनुरोध किया गया था, लेकिन अभी तक हस्तगत प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं कराया गया है। बीएमएसएआईसीएल ने जिला स्वास्थ्य समिति से अनुरोध किया है कि नवनिर्मित भवन को वस्तुसूची से मिलान करते हुए अविलंब हस्तगत लेने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि मातृ-शिशु सेवाओं की शुरुआत जल्द की जा सके। हालांकि, इस संबंध में पूछने पर सिविल सर्जन डॉ एसके चौधरी ने एमसीएच के उद्धघाटन होने की बात पर अनभिज्ञता जाहिर करते हुए कहा कि उन्हें इसकी जानकारी उन्हें नहीं है।

