मिनी गन फैक्ट्री का भंडाफोड़, 4 देसी पिस्टल व 58 गोली बरामद, दो गिरफ्तार
आइटीआइ डिप्लोमा करने के दौरान पिस्टल और कट्टा बनाना सीख लिया था
पुलिस ने छापेमारी कर एक मिनी गन फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। छापेमारी में भारी मात्रा हथियार, गोली व अर्धनिर्मित हथियार एवं हथियार बनाने में प्रयुक्त होने वाले औजार बरामद किए हैं। इस दौरान दो बदमाशों को गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई पटना पुलिस ने की है। पुलिस ने पटना के शाहपुर थाना क्षेत्र के सरारी स्थित अग्रणी होम्स के फ्लैट नंबर 607 में मिनी गन फैक्ट्री का खुलासा किया है। फ्लैट के अंदर से हथियार बनाने वाले उपकरण (हथौड़ी, ड्रिल मशीन, रेती, पेचकस, कट्टर) के साथ मटेरियल, 4 देसी पिस्टल, 4 मैगजीन, 2 अर्ध-निर्मित मैगजीन, 58 जिंदा कारतूस, 30,500 रुपये नकद और 4 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अवधेश कुमार वर्मा और अमन कुमार के रूप में हुई है। दोनों लंबे समय से हथियार बनाने और बेचने के धंधे में सक्रिय थे। खासकर दानापुर, फुलवारी और मसौढ़ी क्षेत्र में हथियारों की सप्लाई करते थे।
पटना सिटी एसपी पश्चिमी भानु प्रताप सिंह ने बताया कि आरोपी इन हथियारों का इस्तेमाल शराब तस्करी, जमीन विवाद और हत्या जैसी घटनाओं में किया जाता था। जिन लोगों ने इनसे हथियार खरीदे हैं, वे भी पुलिस की रडार पर हैं। पूछताछ में अवधेश वर्मा ने स्वीकार किया कि उसने अब तक 100 से अधिक लोगों को हथियार बेचे हैं। उसने आइटीआइ से डिप्लोमा किया था और पढ़ाई के दौरान ही पिस्टल व कट्टा बनाना सिख लिया था। पास आउट होने के बाद उसने हथियार बनाने का धंधा शुरू कर दिया। आरोपियों ने बताया कि एक पिस्टल की कीमत 40 से 45 हजार रुपये तक होती है। लोहे की सीट और अन्य सामग्री आरा से खरीदकर हथियार बनाए जाते थे। पुराने या खराब हथियारों की रिपेयरिंग भी दोनों मिलकर करते थे। पुलिस को हथियार की डीलिंग की सूचना मिली थी, जिसके आधार पर यह कार्रवाई की गई।

