सड़क हादसे में घायलों को डेढ़ लाख तक का कैशलेस मुफ्त इलाज और मददगारों को मिलेगा 25 हजार ईनाम
‘राह-वीर’ योजना के तहत घायलों को अस्पताल पहुंचाने पर मिलेगा 25 हजार का ईनाम
Samastipur : सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों को अब इलाज के लिए पैसों की चिंता नहीं करनी होगी। सरकार ने एक बड़ी पहल की है जिसके तहत किसी भी हादसे के पीड़ित को अस्पताल में कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी। इस योजना के तहत 1.5 लाख रुपए तक का इलाज पूरी तरह मुफ्त उपलब्ध कराया जाएगा। यह पूरी तरह से कैश लेस होगा। यानी अब मरीज के परिजनों को इलाज के लिए पैसे जुटाने की परेशानी नहीं होगी और अस्पताल भी सीधे सरकार से भुगतान प्राप्त करेंगे। साथ ही घायलों को अस्पताल तक पहुंचाने वालों को भी सम्मानित किया जाएगा। इसके लिए परिवहन विभाग ने ‘राह-वीर’ योजना की शुरुआत की है। यदि कोई व्यक्ति हादसे के बाद तत्परता दिखाते हुए घायल को अस्पताल या ट्रॉमा सेंटर तक पहुंचाता है तो उसे 25 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि और प्रशस्ति-पत्र प्रदान किया जाएगा। इतना ही नहीं, राज्य से चुने गए सर्वश्रेष्ठ 10 राह-वीरों को राष्ट्रीय स्तर पर एक-एक लाख रुपये का पुरस्कार भी दिया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य गोल्डन ऑवर में घायल को तत्काल इलाज उपलब्ध कराना है ताकि समय पर चिकित्सकीय सहायता से सैकड़ों लोगों की जान बचाई जा सके।
निजी अस्पतालों में भी बिना पैसे इलाज संभव
कैशलेस इलाज योजना खासकर गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए वरदान साबित होगी। सड़क दुर्घटना के बाद पुलिस द्वारा एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर एक्सीडेंट आईडी दी जाएगी, जिसके आधार पर घायल को नजदीकी सूचीबद्ध अस्पताल में भर्ती कराया जाएगा। यदि प्रारंभिक उपचार कहीं और हुआ है तो मरीज को रेफर कर पंजीकृत अस्पताल में भेजा जाएगा। इलाज की सुविधा दुर्घटना की तिथि से सात दिनों तक उपलब्ध होगी। इस दौरान 1.5 लाख रुपये तक का खर्च सीधे सरकार वहन करेगी और भुगतान अस्पताल को किया जाएगा। योजना के लागू होने से निजी अस्पतालों में भी बिना पैसे के इलाज संभव होगा, जिससे समय पर सही उपचार मिलने से मौत के मामलों में कमी आएगी। जिले में सितम्बर से इस योजना को लागू करने करने का निर्देश था। अस्पतालों की सूची तैयार करने और विशेष खाता खोलने की प्रक्रिया विभागीय निर्देश के तहत तेजी से चल रही है।
राह-वीर बनकर मिलेगा सम्मान और पुरस्कार
दूसरी ओर, गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों को दुर्घटना के एक घंटे के भीतर अस्पताल पहुंचाने के लिए ‘राह-वीर योजना’ लागू की गई है। इस योजना में जो भी व्यक्ति इंसानियत दिखाते हुए घायलों को अस्पताल पहुंचाएगा, उसे 25 हजार रुपए नकद इनाम और सम्मान पत्र दिया जाएगा। जिलास्तर पर डीएम की अध्यक्षता में गठित समिति प्रत्येक मामले की समीक्षा कर योग्य राह-वीरों का चयन करेगी। एक राह-वीर को अधिकतम पांच बार यह सम्मान दिया जा सकेगा। इस पहल से न केवल घायलों की जान बचाने में मदद मिलेगी बल्कि समाज में जागरूकता और मानवीय संवेदना को भी बल मिलेगा। आंकड़ों के अनुसार, जिले में हर साल करीब 400 से अधिक लोगों की जान सड़क हादसों में चली जाती है, जिनमें अधिकांश मौतें समय पर इलाज न मिलने से होती हैं। सरकार की यह संयुक्त पहल सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु दर घटाने और जरूरतमंदों को जीवनदान देने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।

