प्रसूता को बंधक बनाए जाने के मामले में सीएस ने निजी अस्पताल से मांगा स्पष्टीकरण
रजिस्ट्रेशन के साथ ही देना होगा उपलब्ध चिकित्सकों व अन्य मानकों का ब्यौरा
Samastipur :- इलाज के बकाया भुगतान के लिए प्रसूता को अस्पताल में बंधक बनाने के मामले को संज्ञान में लेते हुए सिविल सर्जन डॉ एसके चौधरी ने यूनिटी इमरजेंसी हॉस्पिटल के प्रबंधन से 24 घंटे के भीतर पूरी वस्तुस्थिति स्पष्ट करने का निर्देश दिया है। सीएस कार्यालय से जारी पत्र में कहा गया है कि 15 सितंबर को प्रकाशित खबर के अनुसार कर्पूरीग्राम पंचायत के डढ़िया बेलार वार्ड-15 निवासी मजदूर राजेंद्र पासवान की पुत्री सुमन देवी को 2 सितंबर को प्रसव पीड़ा के बाद मोहनपुर रोड स्थित यूनिटी इमरजेंसी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। 3 सितंबर को उसने जुड़वा बच्चों को जन्म दिया, लेकिन दोनों की मौत हो गई। आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन ने इलाज के बकाया भुगतान को लेकर महिला को लगभग एक सप्ताह तक बंधक बनाए रखा, जिसे बाद में विधायक अख्तरूल इस्लाम शाहीन और पुलिस की हस्तक्षेप से मुक्त कराया गया।
सीएस ने अस्पताल प्रबंधन से प्रकाशित खबर की संदर्भित प्रति के आधार पर संपूर्ण स्थिति की जानकारी, वहां कार्यरत चिकित्सक और पैरामेडिकल कर्मचारियों का नाम, पता व शैक्षणिक प्रमाणपत्र, साथ ही संस्थान से संबंधित रजिस्ट्रेशन, बायोमेडिकल वेस्ट व प्रदूषण नियंत्रण सहित अन्य मानक प्रमाणपत्रों की अभिप्रमाणित प्रति 24 घंटे के अंदर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।

