तमिलनाडु के करूर में विजय की रैली में मचीभगदड़ में 39 की मौत, 58 गंभीर रूप से घायल
मरने वालों में 16 महिलाएं और 10 मासूम बच्चे
तमिलनाडु की राजनीति में शनिवार का दिन दर्दनाक साबित हुआ। करूर जिले में अभिनेता से नेता बने विजय थलापथि की चुनावी रैली अचानक मातम में बदल गई। मंच से जयकारे गूंजने चाहिए थे, लेकिन भगदड़ के शोर ने उन्हें चीख-पुकार में बदल दिया। भीड़ में मची भगदड़ से अब तक 39 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 58 लोग घायल हैं। इनमें 45 की हालत गंभीर बताई जा रही है। मरने वालों में 16 महिलाएं और 10 मासूम बच्चे शामिल हैं। विजय की रैलियों का शेड्यूल पहले से ही सवालों में था। नमक्कल में सुबह से जुटी भीड़ उनके छह घंटे इंतजार में तपती धूप और भूख-प्यास से बेहाल रही। कई लोग वहीं गिरने लगे, फिर भी कार्यक्रम चला। देर शाम करूर में भीड़ और अधीर हो चुकी थी। घटना के बाद उम्मीद थी कि विजय पीड़ितों से मिलकर उनका दर्द बांटेंगे। लेकिन वे सीधे चार्टर्ड फ्लाइट पकड़कर चेन्नई रवाना हो गए। यह रवैया सवाल खड़े कर रहा है, क्या सियासी महत्वाकांक्षा भीड़ की सुरक्षा से बड़ी है।
करीब 100 फीट चौड़ी सड़क पहले से समर्थकों से ठसाठस भरी थी। इसी बीच विजय की 60 फीट लंबी प्रचार बस भी उसी रास्ते से निकाली गई। भीड़ को चीरते हुए जैसे ही गाड़ी बढ़ी, लोग दबने लगे। कुछ गिर पड़े, बाकी उन पर चढ़ते गए और देखते ही देखते रैली मौत के जाल में बदल गई। बता दें कि फरवरी 2024 में तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) बनाकर विजय ने साफ कर दिया था कि वे 2026 के विधानसभा चुनाव में सत्ता की दौड़ में हैं। उनका लक्ष्य डीएमके के खिलाफ सबसे बड़ा विकल्प बनना है। यही वजह है कि वे लगातार बड़े-बड़े जनसभाओं का आयोजन कर रहे हैं।

