सड़क दुर्घटना के घायलों को अस्पताल पहुंचाने पर मिलेगा 10 हजार रुपए, 31 तक विशेष वाहन जांच अभियान
अभी ट्रैफिक नियम का उल्लंघन करने वालों को जागरूक करने के लिए दिया जा रहा गुलाब का फूल, आगे होगी कार्रवाई
Samastipur :- जिले में बिना हेलमेट के बाइक सवार व सीट बेल्ट नहीं लगाने वाले वाहन चालकों को पेट्रोल पंप पर फ्यूल नहीं मिलेगा। परिवहन विभाग इसको लेकर सभी पेट्रोल पंप को निर्देश जारी करने जा रहा है। इसके लिए डीएम रोशन कुशवाहा के निर्देश पर एक टीम का भी गठन किया गया है। यह टीम जिले के सभी पेट्रोल पंप पर जाकर निरीक्षण के साथ-साथ इससे संबंधित आदेश की कॉपी भी उन्हें देगा। बता दें कि जिले में 31 जनवरी तक राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह का आयोजन किया जा रहा है। इस दौरान जिलों में जागरुकता कार्यक्रमों के साथ हर रोज अलग-अलग थीम बेस्ड विशेष वाहन जांच अभियान चलाया जाएगा। वहीं मिली जानकारी के अनुसार सड़क दुर्घटना के घायलों को अस्पताल पहुंचने पर अब 10 हजार रुपए दिए जाएंगे। परिवहन विभाग जिले में नो हेलमेट-सीट बेल्ट, नो फ्यूल का नियम लागू करने जा रही है। डीटीओ विवेक चंद्र पटेल ने बताया कि राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के तहत सरकारी दफ्तरों में, विद्यालयों, कॉलेजों के छात्र-छात्राओं को यातायात नियमों के पालन के लिए शपथ दिलाई जाएगी। अभिभावकों से भी शपथ पत्र लिया जाएगा। जिले के बस व ऑटो स्टैंड, ड्राइविंग स्कूलों पर सड़क सुरक्षा और नए मोटर वाहन अधिनियम के तहत वाहन चालकों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी
विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार सभी पेट्रोल पम्प संचालकों को नो हेलमेट, नो सीट टबेल्ट, तो नो पेट्रोल, नो डीजल का बैनर पेट्रोल पम्प परिसर में लगाने का निर्देश दिया जाएगा। वाहन चालकों को इस नियम का पालन सुनिश्चित करने के लिए कहा गया। डीटीओ ने कहा कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी साथ ही संबंधित थाना प्रभारी को भी जागरूकता फैलाने के लिए वाहन जांच करने का निर्देश दिया गया। इस क्रम में जिन पेट्रोल पम्प के द्वारा इसमें लापरवाही बरती जाएगी उनके ऊपर विधि-सम्मत कार्रवाई की जाएगी।
सड़क दुर्घटना के घायलों को अस्पताल पहुंचाने पर मिलेगा 10 हजार रुपए
जिलों में कार्यक्रम के दौरान सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने वाले, हादसा पीड़ितों की मदद करने वाले गुड सेमेरिटन को सम्मानित किया जाएगा। वहीं सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने वाले को परिवहन विभाग प्रोत्साहन राशि के रूप में 10 हजार रुपए देगी। पहले यह राशि पांच हजार रुपए थी। इसका उद्देश्य सड़क दुर्घटना में आमजनों की मदद से पीड़ितों को समय से अस्पताल पहुंचाने की है, ताकि सड़क हादसे होने पर घायल को अस्पताल पहुंचाने में उसकी त्वरित मदद की जा सके। इससे सड़क दुर्घटना में होने वाले मृत्यु दर में कमी आने की संभावना है।
यातायात नियम का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध अगले दो-तीन दिनों के बाद सख्ती के साथ की जाएगी कार्रवाई
एनएच व एसएच पर विशेष वाहन जांच अभियान चलाया जाएगा। हर सप्ताह अलग-अलग थीम पर अभियान चलेगा। हेलमेट-सीटबेल्ट, ओवर स्पीडिंग, नाबालिग का वाहन चलाना, फिटनेस, परमिट, प्रदूषण जांच, प्रेशर हॉर्न या मल्टी ट्यून हॉर्न, आदि जांच अभियान चलाया जा रहा है। सड़क सुरक्षा नियम का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। जिले में दुर्घटनाओं को रोकने के लिए ब्लैक स्पॉट्स की पहचान की जाएगी और उनकी मरम्मत तथा सुधार के उपाय किए जाएंगे। डीटीओ विवेक चंद्र पटेल ने बताया कि अभी फाइन पर ज्यादा जोर नहीं दिया जा रहा है। यातायात नियम का उल्लंघन करने वालों को परिवहन विभाग की टीम के द्वारा गुलाब का फूल देकर जागरूक किया जा रहा है। वहीं बिना हेलमेट के कई बाइक सवारों को हेलमेट भी दिया गया है। अगले दो-तीन दिनों के बाद सख्ती के साथ कार्रवाई की जाएगी।
वाहन चालकों के लिए लगेगा स्वास्थ्य जांच शिविर
सड़क सुरक्षा माह के दौरान बस, ऑटो और ट्रक चालकों के लिए स्वास्थ्य व नेत्र जांच शिविर लगाया जाएगा। जरूरतमंद ड्राइवरों को मुफ्त में चश्मा दिया जाएगा। डीटीओ ने बताया कि वाहन चालकों के लिए फिटनेस कैंप और स्वास्थ्य जांच शिविर लगाए जाएंगे। उसमें नेत्र जांच और अन्य स्वास्थ्य सेवाएं भी दी जाएंगी। रक्तदान शिविर लगाया जाएगा, जिससे जरूरतमंदों को खून मिल सके। सड़क दुर्घटनाओं में पीड़ितों के बचाव के लिए प्री-हॉस्पिटल प्रशिक्षण और सीपीआर सिखाने के लिए नुक्कड़ नाटक व अन्य माध्यमों से जागरुकता फैलाई जाएगी। इसके लिए पदाधिकारियों को नामित किया गया है।